सीडी की नकल उपलब्ध कराने के लिए दाखिल हुईं थीं कोर्ट में अर्जी
आजम खां, डॉ एसटी हसन समेत अन्य आरोपियों को झटका
गुरुवार को एमपी-एमएलए कोर्ट में सुनवाई,24 जुलाई निर्धारित
राजेश भाटिया,हिन्द लाइव न्यूज।

मुरादाबाद। रामपुर से पूर्व सांसद अभिनेत्री जयाप्रदा पर अभद्र टिप्पणी केस में गुरुवार को मुरादाबाद में एमपी-एमएलए कोर्ट में सुनवाई हुई। मामले में सपा नेता आजम खां, डा. एसटी हसन समेत आरोपियों की ओर प्रस्तुत प्रार्थना पत्र को अदालत ने सुनवाई के बाद खारिज कर दिया। बचाव पक्ष की ओर से केस की नकल उपलब्ध कराने संबंधी अर्जी दाखिल की गई। पर अभियोजन पक्ष की ओर से कड़ा एतराज के बाद अदालत ने प्रार्थना पत्र अस्वीकार कर दिया गया।
सात साल पहले हुए लोकसभा चुनाव में जीते आजम खां का सम्मान समारोह आयोजित किया गया। समारोह में मंच से पूर्व सांसद जयाप्रदा पर अश्लील टिप्पणी की गई। अश्लील बोल का वीडियो वायरल हुआ तो मामला राजनीति में चर्चा का विषय बन गया। मामले में रामपुर से तत्कालीन सांसद आजम खां समेत सपा नेताओं के खिलाफ मुकदमा कायम हुआ।
केस की सुनवाई यहां एमपी एमएलए की कोर्ट में विचाराधीन है। मामले में सपा नेता आजम खां, अब्दुल्ला आजम,पूर्व सांसद डॉ.एसटी हसन समेत सपा नेता आरोपी है। मामले की विवेचना क्राइम ब्रांच ने की थीं। अदालत में पिछले दिनों सुनवाई के दौरान विवेचक क्राइम ब्रांच के तत्कालीन उपनिरीक्षक तेजेंद्र सिंह ने कोर्ट में पेश होकर हुए बयान दर्ज कराए।बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता दिनेश चंद्र पाठक जिरह की थीं।
विशेष लोक अभियोजक मोहन लाल विश्नोई का कहना है कि गुरुवार को केस में सुनवाई हुई।इस दौरान बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ताओं ने केस की सीडी की नकल उपलब्ध कराने के लिए प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया था।पर कोर्ट में अभियोजन पक्ष की ओर से प्रार्थना पत्र पर कड़ी आपत्ति जताई। बताया कि इस केस से संबंधित नकल की सीडी का क्लोन पहले प्रस्तुत किया जा चुका है। जबकि वादी की ओर वरिष्ठ अधिवक्ता फसीउल्ला का कहना है कि करीब एक वर्ष पहले तत्कालीन सीनियर डिवीजन एमपी सिंह की कोर्ट में वायरल सीडी को लैपटॉप पर चलाकर देखा गया।
गुरुवार को सिविल जज सीनियर डिवीजन/एमपी-एमएलए कोर्ट डॉ गौरव उत्सव राज ने सुनवाई के बाद प्रार्थना पत्र को खारिज कर दिया। केस की अगली तारीख 24 जुलाई निर्धारित की गई है। केस में अब तक आठ गवाहों से जिरह पूरी हो चुकी है।
