संगठन के पुराने लोगों के घर मुलाकात ने कांग्रेसियों को भी चौंकाया
मुरादाबाद में एआईसीसी पर्यवेक्षक भूले बिसरे कार्यकर्ताओं से किया संवाद
शहर से लेकर कस्बेे, ब्लॉकों तक पहुंचे पर्यवेक्षक,विस चुनाव से पहले संगठन की से पड़ताल
बड़े नेताओं की अनदेखी की बात भी पर्यवेक्षक से हुईं बयां
हिन्द लाइव न्यूज,राजेश भाटिया।

मुरादाबाद।संगठन सृजन अभियान के लिए आए कांग्रेस के एआईसीसी पर्यवेक्षक जिले को खंगालने में जुटे है।अरसे से निष्क्रिय हुए पुराने नेता व कार्यकर्ताओं से पर्यवेक्षक सीधे रुबरु हुए। शहर के हर पुराने नेताओं के घर पहुंचे पर्यवेक्षक मोहन मरकाम ने न केवल पार्टी से दोबारा से सक्रियता बढ़ाने को कहा बल्कि उनसे अब तक पार्टी की दुर्दशा व संगठन को लेकर भी फीडबैक लिया।
रविवार को भी शहर में रह रहे पूर्व विधायक,पूर्व मंत्री के पुत्र,विस चुनाव में महिला प्रत्याशी का भी हाल जाना।विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस को पुनर्जीवित करने में जुटे हाईकमान ने संगठन की संरचना में बदलाव किया है।संगठन व पार्टी में उपेक्षित रहे पुराने नेता व कार्यकर्ताओं को हाल पूछा गया।
मुरादाबाद के पर्यवेक्षक बनकर आए छत्तीसगढ़ के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष मोहन मरकाम पांच दिनों में कांग्रेस के तकरीबन सभी पुराने व उपेक्षित महसूस कर रहे नेता व कार्यकर्ताओं तक पहुंचे। 12 अगस्त को मुरादाबाद में आने के बाद एआईसीसी पर्यवेक्षक ने सभी भूले बिसरे नेताओं के घरों पर दस्तक दी। जिले के छजलैट, बिलारी, ठाकुरद्वारा,कुंदरकी समेत अन्या कस्बों व प्रमुख क्षेत्र में रह रहे कांग्रेसियों से मिले और हाल जाना। साथ ही संगठन को सशक्त बनाने से लेकर नए सुधार पर उनकी राय जानी।
जिला व शहर कमेटियों के अध्यक्ष पदों के चयन प्रक्रिया में जुटे एआईसीसी से पर्यवेक्षक मोहन मरकाम ने बारिश के बावजूद पुराने कांग्रेसियों के घर पहुंचे और मुलाकात की। रविवार को पहले पूर्व विधायक फूल कुंवर के घर पहुँचे।इसके बाद पूर्व मंत्री हाफिज सिद्दीकी के पुत्र एवं कांग्रेस नेत्री फूलवती सैनी के घर जाकर संग़ठन को लेकर राय भी जानी। पर्यवेक्षक ने पार्टी हाईकमान का संदेश मैसेज देकर कार्यकर्ताओं की सक्रियता बढ़ाने पर जोर दिया।दोपहर बाद अगवानपुर में युवा कांग्रेस, शहर कांग्रेस और देर शाम को भगतपुर, मूंढापांडे ब्लॉक में कांग्रेसियों से भी रुबरु हुए।सोमवार को अध्यक्ष पदों के लिए आवेदन लिए जाएंगे।इसके साथ ही आवेदकों से बातचीत कर वापस दिल्ली लौट जाएंगे।
संगठन की जमीनी पड़ताल कर रहे पर्यवेक्षक की बिना शोर शराबे के कांग्रेसियों से मेल मुलाकात भी हैरान करने वाली है। इससे निष्ठावान अनुभवी कार्यकर्ताओं में संगठन की मजबूती को लेकर उम्मीद जगी है।
