मझोला में चाऊ की बस्ती में 2017 का घटना
हमले में सास-ससुर व साली ने दामाद के खिलाफ दर्ज कराया था मुकदमा
भ्रष्टाचार निवारण कोर्ट ने सुनाया फैसला, दोषी पर 25 हजार जुर्माना
हिन्द लाइव न्यूज,राजेश भाटिया।

मुरादाबाद। नौ साल पहले मझोला में ससुराल पक्ष पर जानलेवा हमले में युवक को दोषी ठहराया गया है।दोषी के सास ससुर व साली की गवाही के बाद एडीजे कोर्ट ने दोषी करार देते हुए दस साल की सजा सुनाई।दोषी पर 25 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया गया है।
घटना 10 जनवरी,2017 की है।मझोला थाना क्षेत्र में चाऊ की बस्ती निवासी मोती राम शर्मा ने अपने दामाद राज कुमार के खिलाफ मारपीट,जानलेवा हमले की तहरीर दीं।आरोप है कि 11 जनवरी,17 की रात को राजकुमार व साथियों के साथ मिलकर वादी की बड़ी पुत्री सोना को गंभीर रूप से घायल कर दिया।महिला के बचाने आए पड़ोसी गवाह छोटू व गोरी शंकर से मारपीट की। जिससे सभी लोगों को चोटें आई। घटना के बाद ससुर मोतीराम ने अपने दामाद के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई।
वादी का कहना था कि उसने अपनी बेटी मोना की शादी भोजपुर के सेहल निवासी राजकुमार के साथ की थीं।आपसी अनबन के दौरान मारपीट के महिला मोना ने उसके खिलाफ पिटाई का मामला दर्ज कराया।
बताते हैं कि इसी घटना की रंजिश के चलते उसने सास ससुर और बड़ी बेटी सोना से मारपीट की।नुकीले हथियार से हमला किया।पुलिस ने मामले की जांच करते हुए आरोपी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की।
केस की सुनवाई एडीजे-एंटी करप्शन कोर्ट में न्यायाधीश जितेंद्र सिंह-द्वितीय-की अदालत में हुईं।कोर्ट में सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों को सुना गया।
राज्य की ओर से मुनीष भटनागर द्वारा पक्ष रखा। कोर्ट में इस मामले में आठ लोगों के बयान दर्ज हुए। इनमें वादी मोतीराम शर्मा,उनकी पत्नी मधु,साली,गौरी शंकर आदि ने आरोपी राजकुमार के बयान दर्ज कराएं।प्रत्यक्षदर्शी व अन्य की गवाही को अदालत ने पर्याप्त सबूत माना। कोर्ट ने राजकुमार को दोषी मानते हुए जानलेवा हमले में दस साल और 25 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई।
