रजिस्ट्री के निजीकरण मुद्दे पर भड़के अधिवक्ता
भारी भीड़ के बीच डीएम को सौंपा ज्ञापन
राजेश भाटिया,हिन्द लाइव न्यूज। मुरादाबाद।
गुरुवार को रजिस्ट्री के निजीकरण और ई-पंजीकरण व्यवस्था के विरोध में मुरादाबाद के अधिवक्ताओं ने सड़कों पर उतरे और जुलूस निकालकर विरोध जताया। रजिस्ट्री कार्यालय से कलेक्ट्रेट तक सैकड़ों वकीलों ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया। ज्ञापन के दौरान भी प्रदर्शनकारी वकीलों ने जोरदार नारेबाजी की और रजिस्ट्री कार्यालय की नई व्यवस्था को लेकर आक्रोश जताया। वकीलों के प्रदर्शन देख पुलिस प्रशासन सतर्क रहा।रजिस्ट्री कार्यालय, कलेक्ट्रेट व आसपास क्षेत्रों में भारी पुलिस बल तैनात रहा।

दस दिन से रजिस्ट्री कार्यालय पर धरना दे रहे वकील गुरुवार को सड़कों पर उतरे। कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन के मद्देनजर सुबह ही रजिस्ट्री कार्यालय पर बड़ी संख्या में वकील पहुंच गए।रजिस्ट्री कार्यालय से तमाम अधिवक्ता पैदल,बाइक आदि से चलें।
कांठ रोड पर अधिवक्ता नारेबाजी करते हुए जुलूस की शक्ल में कलेक्ट्रेट पहुंचे।रजिस्ट्री कार्यालय से एकत्रित होकर अकबर के किले से पीएसी तिराहे,पीलीकोठी, जैन मंदिर होता हुआ कमिश्ननरी चौराहे से कलेक्ट्रेट पहुंचा। परिसर में भी अधिवक्ताओं ने जमकर नारेबाजी की।प्रदर्शन के दौरान अधिवक्ताओं ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

चेतावनी दी कि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं हुआ तो आंदोलन तेज होगा। कहा कि दस दिनों से धरना-प्रदर्शन और विरोध हो रहा है पर अब तक कोई ठोस नतीजा नहीं निकला।जिसके चलते अधिवक्ताओं में नाराजगी है। कलेक्ट्रेट में अधिवक्ताओं के प्रतिनिधिमंडल ने संयुक्त रूप से डीएम को ज्ञापन सौंपा।

मांग की कि रजिस्ट्री व्यवस्था के निजीकरण, ई-रजिस्ट्री संचालन व प्रस्तावित निबंधन मित्र योजना को वापस ली जाएं। बार एसोसिएशन अध्यक्ष आनन्द मोहन गुप्ता व महासचिव कपिल गुप्ता ने डीएम डॉ राजेंद्र पैंसिया को महामहिम राज्यपाल के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा।
बार अध्यक्ष आनन्द मोहन गुप्ता ने कहा कि सरकार ई पंजीकरण व्यवस्था और प्राइवेट संस्थाओं को रजिस्ट्री कार्यालय का काम सौंपने देकर छोटे व्यवसायों को समाप्त कर रही है। महासचिव कपिल गुप्ता ने कहा कि सरकार रजिस्ट्री व्यवस्था वापस नहीं लेती ये धरना ऐसे ही चलता रहेगा। प्रदर्शन शांति पूर्वक है।मांगे न मानी तो आंदोलन तेज होगा। महासचिव ने बताया कि 11 वें दिन भी रजिस्ट्री कार्यालय में कोई कार्य नहीं हुआ।
इस दौरान अंजार हुसैन,अजय बंसल,पुनीत चौहान,सचिन शर्मा,आवरण अग्रवाल, रमा पांडेय आशीष उपाध्याय,शिवकुमार गौतम,सुरेश सिंह, काजल सिंह, शाहिस्ता परवीन, दीपिका वर्मा, मोहम्मद इस्लाम उर्फ बाबू, आजम, राजीव चौधरी, विश्वास गुंबर, तरुण उपाध्याय, अजय पाल, नासिर हुसैन, संजीव यादव,विशाल भारद्वाज,राघव गुप्ता, संजीव राघव, आदेश श्रीवास्तव,आशुतोष त्यागी, त्रिलोक चंद्र दिवाकर, राजेश दयाल,तबस्सुम,रेनू गुप्ता अधिवक्ता रहे।
