रजिस्ट्री कार्यालयों में निजीकरण व ई पंजीकरण व्यवस्था का विरोध
राजेश भाटिया,हिन्द लाइव न्यूज।
मुरादाबाद। गुरुवार को मुरादाबाद आए उत्तराम्नाय के ज्योतिषपीठ ((ज्योतिर्मठ ) के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने वकीलों के आंदोलन का समर्थन किया है।इस दौरान दि बार एसोसिएशन एंड लाइब्रेरी के अध्यक्ष आनंद मोहन गुप्ता के नेतृत्व में अधिवक्ताओं ने भव्य स्वागत व अभिनंदन किया।

इस मौके पर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज की ओर से बार एसोसिएशन के अध्यक्ष को अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित भी किया। वार्ता के दौरान बार अध्य्क्ष ने जगदगुरु शंकराचार्य को उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा एक जुलाई, 26 से प्रस्तावित ई-पंजीकरण व्यवस्था व रजिस्ट्री कार्यालयों में निजीकरण के विरोध में वकीलों द्वारा किए जा रहे आंदोलन व हड़ताल की विस्तार से जानकारी दी।
इसपर शंकराचार्य स्वाामी अविमुक्तेश्वरानंद ने वकीलों की मांगों को न्यायोचित ठहराया और आंदोलन का पूर्ण समर्थन दिया। कहा कि न्याय व्यवस्था एवं जनहित से जुड़े महत्वपूर्ण कार्यों में पारदर्शिता, जवाबदेही एवं आमजन की सहज पहुंच सुनिश्चित होनी चाहिए।ऐसी व्यवस्था का विरोध होना चाहिए जिससे आमजन, ग्रामीण क्षेत्र के लोगों व अधिवक्ताओं के अधिकार व आजीविका प्रभावित होती हो।उनका कहना था कि सरकार को अधिवक्ता व संबंधित पक्ष से संवाद कर समस्याओं का समाधान निकालना चाहिए। जनहित एवं न्यायहित में ही निर्णय लिए जाएं।शंकराचार्य महाराज ने कहा कि अधिवक्ता समाज न्याय व्यवस्था का महत्वपूर्ण स्तंभ है।लोकतंत्र को सुदृढ़ बनाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका है।
इस दौरान बार अध्यक्ष के संग पुष्प यादव,गोपाल द्विवेदी,सुमित टंडन,अंकुर यादव,सुनीता अग्रवाल,विवेक शुक्ला,अमरदीप सिंह समेत अन्य अधिवक्ता थे।
