चंदा इकट्ठा करने की बात गलत, एसआईटी जांच के लिए भी तैयार
गोविंदानंद के आरोपों पर तीखा हमला, आरोपों के सबूत दें
राजेश भाटिया,हिन्द लाइव न्यूज।
मुरादाबाद। प्रदेश में गौमाता की रक्षा के लिए मतदान का संकल्प के लिए निकले जगदगुरु शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद महाराज राममंदिर दान विवाद से लेकर गौ संरक्षण जैसे मु्द्दों पर बेबाक बोले।
राम मंदिर के लिए गांव गांव चंदा लेने के आरोपों पर स्वामी शंकराचार्य ने अपने उपर लगे आरोपों को बेबुनियाद बताया। चाहे तो वे कैमरा लेकर एक हजार गांव चलें। उन्होंने किसी भी गांव से चंदा मांगने के आरोप को खारिज किया।गौ संरक्षण के सवाल पर भी उन्होंंने सरकार को घेरा।

उत्तर प्रदेश के भ्रमण पर निकले जगदगुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने गौरक्षा, राम मंदिर दान प्रकरण व अपने ऊपर लगाए आरोपों पर खुलकर प्रतिक्रिया दी।स्वामी गोविंदानंद सरस्वती द्वारा लगाए आरोपों पर भी पलटवार किया।गांव से चंदा लेने के आरोप के सवाल को सिरे से खारिज किया। मीडिया से तीखे अंदाज में बोले-गांवों की सूची तो बताएं।वे लोग कैमरा लेकर हमारे साथ चलें।गांव में कोई यह कह दें कि हमने उससे चंदा मांगा या लिया। तब बात करेंगे। बोलें- क्यों झूठ फैलाते हैं।
बातचीत में उन्होंने कहा कि वह उत्तर प्रदेश की 403 विधानसभा सीटों पर जा रहे है।वहां मतदाताओं से गौ माता की रक्षा के लिए मतदान का संकल्प करा रहे है। अब तक लाखों लोग यह संकल्प ले चुके हैं।

आरोपों पर पलटवार
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि उनके ऊपर चंदा एकत्र करने या सोना-चांदी लेने के जो आरोप लगाए गए हैं उनके समर्थन में प्रमाण प्रस्तुत किए जाएं। यह बताया जाएं कि हमने किससे कितना चंदा लिया। प्रमाण सामने लाएंगे तभी आगे बात होगी।एसआईटी जांच होनी चाहिए और हम उसके लिए तैयार हैं।”उन्होंने कहा कि राम जन्मभूमि आंदोलन के दौरान जो लोग मुकदमा लड़ें। जीते तब आरोप लगाने वाले कहीं नहीं थे।अब कुछ लोग आकर बैठ गए और अब बातें बना रहे हैं।
राम मंदिर के दान में चोरी
राम मंदिर में चंदा चोरी से जुड़े विवाद के सवाल पर शंकराचार्य ने कहा कि मंदिर में दान व चंदे में लगातार चोरी हो रही है।एसआईटी चोरी के आरोपों की जांच में देरी कर रही है।यही कारण् है कि अब रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि प्रारंभिक जांच रिपोर्ट तीन दिन में आनी थी।इसके बाद रिपोर्ट। पर मामला आगे बढ़ाया जा रहा है। आरोप लगाया कि समय बीत जाएगा।इस दौरान दूसरी घटना हो जाएगी तब लोगों का ध्यान दूसरे मुद्दों की तरफ चला जाएगा।
गौमाता को पशु नहीं, माता घोषित हों
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि गौरक्षा को लेकर उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार से गौमाता को “पशु” के बजाय “माता” घोषित करें। कहा कि भारतीय संस्कृति में गाय केवल पशु नहीं बल्कि माता का दर्जा माना जाता है।कहना था कि सरकार को जन भावनाओं के अनुरूप निर्णय लेना चाहिए। गौरक्षा के लिए सशक्त कानून बनें।
