कलेक्ट्रेट परिसर में सनातनी हिन्दू समाज के समर्थकों ने जताया एतराज
-सनातनी समाज ने महामहिम राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन
रदोषियों पर कड़ी कार्रवाई, एफआईआर दर्ज कराने की मांग
राजेश भाटिया,हिन्द लाइव न्यूज।
मुरादाबाद। अयोध्या में श्रीराम जन्ममभूमि मंदिर में चढ़ावें में नकदी व जेवर की हेराफेरी प्रकरण गहराया है।सोमवार को सनातनी हिन्दू़ समाज के समर्थकों ने मंदिर में दान में मिली राशि व आभूषणों को लेकर गहरी आपति जताई।संगठन ने कलेक्ट्रेट परिसर में प्रकरण में विरोध जताते हुए प्रदर्शन किया।

संगठन ने प्रकरण में सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग की। सनातनी समाज के प्रतिनिधियों ने राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है।
पिछले दिनों से समाचार पत्र, न्यूज चैनल व सोशल मीडिया में सुर्खियां बने राम मंदिर में चढ़ावा चोरी की खबरों आ रही है।इसे लेकर राम भक्तों की आस्था से जुड़े समाज की भावनाएं आहत हुई है।सनातनी हिन्दू समाज की ओर से दिए गए ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि विभिन्न माध्यमों में करोड़ों रुपये और कीमती सोने चांदी में हेराफेरी के मामले सामने आए है।इस प्रकरण की तत्काल निष्पक्ष जांच जरुरी है।
महामहिम राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन में मांग की कि पूरे प्रकरण की जांच सर्वोच्च न्यायालय की निगरानी में सीबीआई (CBI) करें।प्रकरण में एफआईआर दर्ज कर दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई भी हों।
ज्ञापन में कहा कि मंदिर परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकार्डिंग, कर्मचारियों के मोबाइल फोनों की भी जांच कराई जाए। ताकि सच सामने आ सकें। मांग की गई कि जांच पूरी होने तक श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट समिति को भंग कर तथा समिति में चारों शंकराचार्यों के प्रतिनिधियों को शामिल किया जाएं।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि इससे मंदिर की व्यवस्थाएं सनातन धर्म की परंपराओं के अनुरूप संचालित हो सकेंगी।सनातनी समाज ने राष्ट्रपति से मामले की शीघ्र एवं निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों को दंडित करने की मांग की है ताकि देश के राम भक्तों का न्याय व्यवस्था पर विश्वास कायम रहे।
इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने महामहिम राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन जिला प्रशासन को सौंपा। ज्ञापन देने वालों में मनोज व्यास,विनोद शर्मा,गोपेश कुमार,विनय कुमार,अनुज प्रताप, आकाश प्रजापति, अंकित कुमार राजू शर्मा आदि रहे।
