क्रूरता–
विवाहिता की आत्महत्या में अदालत में पति दोषी करार
उत्पीड़न से परेशान महिला ने आठ महीने में पंखे से लटक कर दीं जान
सोमवार को फास्ट ट्रैक कोर्ट-प्रथम प्रीति सिंह ने सुनाया फैसला,दोषी पर 22 हजार रुपये का जुर्माना
पाकबड़ा में 26 अप्रैल, 2020 की घटना
राजेश भाटिया, हिन्द लाइव न्यूज।

मुरादाबाद। ससुराल में दहेज उत्पीड़न से प्रताड़ित विवाहिता की मौत में पति को दोषी ठहराया गया है।अदालत ने दोषी को पांच साल छह की कैद की सजा सुनाई।अदालत ने दहेज के लिए उत्पीड़न और आत्महत्या के लिए उकसाने में भी दोषी माना।
फास्ट ट्रैक कोर्ट-1 प्रीति सिंह ने दोषी पर 22 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया।घटना छह साल पहले हुईं।दान दहेज के लिए घर की विवाहिता को परेशान करने की घटना पाकबड़ा की है।
संभल में असमोली के निवासी राम सिंह ने बेटी मनसा(मनीषा)की शादी धूमधाम से थाना पाकबड़ा के बागड़पुर के निवासी रविंद्र पुत्र नरेश से की। 26 अप्रैल,20 को यह शादी हुईं। राम सिंह ने बेटी की शादी में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी। पर शादी के कुछ दिन बाद ही मनसा ससुरालियों के निशाने पर आ गई। दान दहेज के लिए परेशान किया जाने लगा। महज आठ माह में 6 दिसंबर,20 को महिला ने पंखे से लटककर आत्महत्या कर ली। वादी की ओर से महिला की मौत के लिए पति को आरोपित किया।
केस की सुनवाई मुरादाबाद में फास्ट ट्रैक कोर्ट-1 प्रीति सिंह की अदालत में हुईं। एडीजीसी अशोक कुमार यादव ने बताया कि दहेज के लिए विवाहिता का उत्पीड़न करने कर आत्महत्या का आरोप है।
एडीजीसी का कहना है कि दहेज के लिए उत्पीड़न करने के मामले में वादी समेत अन्य कई लोगों ने गवाही दीं।मामले में वादी, विवेचक सीओ समेत 12 पुलिस कर्मियों के बयान हुए। अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद पति को दोषी ठहराया। उत्पीड़न और आत्महत्या के लिए उकसाने में दोषी करार देते हुए अदालत ने रविन्द्र को पांच साल छह माह की सजा सुनाई। दोषी पर 22 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया गया है।
