कुढ़फतेहगढ़ में 11 साल पुराने मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट का फैसला
अदालत ने दोषियों पर 35-35 हजार रुपये जुर्माना लगाया
साक्ष्य के अभाव में महिला समेत दो आरोपी बरी
संभल का बहुचर्चित सोनू हत्या कांड –
राजेश भाटिया।हिन्द लाइव न्यूज। मुरादाबाद।
संभल के कुढ़फतेहगढ़ में 11 साल पहले हुए सोनू हत्याकांड में दो दोषियों को उम्रकैद की सजा मिली है।अदालत ने दोषियों पर 35-35 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। बच्चे का अहपरण कर परिजनों से 15 लाख रुपये की फिरौती मांगी गई।

मंगलवार को मुरादाबाद में फास्ट ट्रैक कोर्ट द्वितीय धीरेन्द्र सिंह ने यह फैसला सुनाया। अभियुक्तों ने 10 साल के बच्चे का फिरौती के लिए अपहरण कर लिया। रकम न मिली तो उसकी हत्या कर दीं।सनसनीखेज हत्याकांड में मुख्य आरोपी की पत्नी व एक अन्य को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया।संभल के कुढ़फतेहगढ़ क्षेत्र के गांव इमरतपुर स्योडारा का है।
सनसनीखेज मामला 2015 का है।वादी मान सिंह यादव के दस साल के बेटे सोनू का अपहरण कर लिया गया। दस साल का सोनू 21-22 फरवरी,15 को गांव में आई बारात को देखने गया। पर देर तक वह नहीं मिला। तो गांव में हल्ला मच गया। परिवार के लोगों ने उसकी तलाश की पर उसका पता नहीं चला। परिजनों ने पुलिस में गुमशुदगी दर्ज करा दी।अभियोजन पक्ष का कहना है कि गुमशुदगी के अगले दिन परिजनों के मोबाइल पर फोन कर बच्चे की सलामती के लिए 15 लाख रुपये की मांग की।
अपहरणकर्ताओं ने कहा कि बच्चा उनके पास है।धनराशि न मिली तो बच्चे को मार देंगे। फिरौती मांगने से पुलिस की विवेचना बदल गई।पुलिस ने अपहरण व हत्या के मामले जांच शुरू की।पुलिस ने गांव के ही प्रेमपाल यादव व नरेश को गिरफ्तार किया। विशेष यह कि आरोपी प्रेमपाल ही बच्चों को तलाशने का बहाना बनाते हुए अपनी गाड़ी के संग उसके परिवार के साथ घूमता रहा। पूछताछ के बाद पुलिस ने प्रेमपाल यादव की निशानदेही पर सोनू का शव बरामद किया था।शव बुरी तरह से सड़ गया। पोस्टमार्टम में बच्चे की मौत का कारण गला घोंटना माना गया।
पुलिस ने आरोपी प्रेमपाल के चौपहिया वाहन की तलाश की पर वह नहीं मिली।बाद में आरोपी की पत्नी आशा की निशानदेही पर बुलेरो गाड़ी को बरामद कर लिया गया।जबकि जिस मोबाइल से फिरौती मांगी गई वह गांव के नरेश का निकला। कुढ़ पुलिस ने मुख्या आरोपी व उसकी पत्नी समेत चारों के खिलाफ अपहरण, हत्या समेत विभिन्न धाराओं में आरोप पत्र दाखिल किया। केस की सुनवाई एफटीसी कोर्ट-2 धीरेन्द्र सिंह की कोर्ट में चली।
एडीजीसी महेन्द्र सिंह कश्यप ने बताया कि कोर्ट में गवाह व अन्य साक्ष्य सजा के मुख्य आधार बने। कोर्ट ने मुख्य आरोपी प्रेमपाल व नरेश को अपहरण, फिरौती और हत्या में दोषी माना। दोनों को उम्रकैद व 35-35 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।वादी के अधिवक्ता विवेक जैन के अनुसार केस में अहम साक्ष्य सजा के पर्याप्त आधार बने।जबकि केस में दो अन्य आरोपी महिला आशा देवी व अरविंद के खिलाफ साक्ष्य न मिलने पर दोष मुक्त कर दिया गया।
