राजेश भाटिया, हिन्द लाइव न्यूज। मुरादाबाद।
मामूली बरसात में हमेशा पानी में डूबने वाले लाइनपार क्षेत्र में फैले अतिक्रमण पर रविवार को नगर निगम का बुलडोजर गरजा।प्रकाश नगर से रामलीला ग्राउंड तक दर्जनों नालियों पर रैंप तोड़े गए। कार्यवाही के दौरान सपा के पूर्व पार्षद का रैंप तोड़ गया। इस पर पूर्व पार्षद ने मौजूदा पार्षद की जगह छोड़ने का आरोप लगाया। निगम ने आनन-फानन में पार्षद की नाली पर लगे लोहे के जाल उखाड़ लिया। मौके पर अपर नगर आयुक्त अजीत कुमार सिंह का कहना है कि नाले नालियों पर अतिक्रमण से जल निकासी बाधित होती है।जलभराव की समस्या को लेकर नागरिकों ने मंडलायुक्त से शिकायत की थी।
नगर निगम के अतिक्रमण दस्ते ने लाइनपार क्षेत्र में अतिक्रमण अभियान चलाया।रविवार को अपर नगर आयुक्त, प्रवर्तन विभाग के एक गौतम समेत तमाम अधिकारी, प्रवर्तन व पुलिस की मौजूदगी में अवैध कब्जे के खिलाफ अतिक्रमण अभियान चला। प्रकाश नगर से रामलीला मैदान तक निगम की जेसीबी ने दोनों ओर के नाले नालियों पर पक्के रैंप तोड़े । कार्यवाही को लेकर विरोध हुआ। पर अधिकारियों ने समझा बुझाकर शांत कर दिया।
एक पूर्व पार्षद का अतिक्रमण तोड़ने पर उसने भाजपा का पार्षद का अतिक्रमण छोड़ने की शिकायत की। निगम ने भाजपा पार्षद की नाली पर जाल ध्वस्त कर दिया।

लाइनपार में एक से तीन फुट तक पानी
सुधार के लिए बनी लाइनपार की विकास संघर्ष समिति के अध्यक्ष देसराज शर्मा का कहना है कि लाइनपार की हालत के पीछे अतिक्रमण है।जलभराव व करुला नाला व नालियों पर हो रहे अतिक्रमण से लाइनपार की दशा दयनीय है।बरसात के दिनों में सूर्य नगर, हनुमान नगर, विकास नगर आदि क्षेत्र तीन फुट तक पानी में डूब जाता है।
समिति ने उठाया मुद्दा निगम ने चलाया अभियान
लाइनपार विकास संघर्ष समिति के अध्यक्ष देसराज शर्मा क्षेत्र की अनदेखी का अभियान चला रहे है। अध्यक्ष ने नाले नालियों पर हुए अवैध अतिक्रमण, ढक्का पुलिया समेत अन्य पर अवैध कब्जों से बारिश में जलनिकासी में बाधा आती है। इससे लाइन पार का पूरा क्षेत्र जलमग्न हो जाता है।इससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।

अपर नगर आयुक्त अजीत कुमार सिंह का कहना है कि समिति के सुझाव के बाद रविवार को अभियान चलाया गया। 20 से अधिक स्थाई अतिक्रमणों को ध्वस्त कर दिया गया।नाले नालियों पर रखे सामान जेनरेटर,साइन बोर्ड आदि को जब्तं किया गया। निगम टीम ने जलनिकासी में बाधा बने अवरोध हटाएं है।ताकि बारिश जल भराव की समस्यात को दूर हो सकें। भविष्यर में अतिक्रमण पर जुर्माना व वैधानिक कार्यवाही होगी।
