जौहर विश्वविद्यालय पक्ष के अधिवक्ता ने दिया प्रार्थना पत्र
रामपुर विकास प्राधिकरण से मांगा मास्टर, जोनल डवलपमेंट प्लान का रिकार्ड

मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय प्रकरण
हिन्द लाइव न्यूज,राजेश भाटिया
मुरादाबाद। रामपुर में मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी ध्वस्तीकरण की मामले में सोमवार को सुनवाई नहीं हो सकीं। अधिवक्ताओं की न्यायिक कार्य विरत से आयुक्त कोर्ट में सुनवाई टल गई।अलबत्ता आयुक्त कोर्ट में विवि की ओर से अधिवक्ता ने प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया।जिसमें रामपुर विकास प्राधिकरण से संबंधित क्षेत्र के तब के मास्टर प्लान व जोनल डवलपमेंट प्लान की जानकारी मांगी है। उनका कहना है कि विवि का संबंधित क्षेत्र को लेकर आरडीए के ध्वस्तीकरण आदेश की वैधानिकता पर सवाल उठाए है।
यह आदेश—
रामपुर विकास प्राधिकरण ने जौहर विवि के 38 भवनों को ध्वस्तीकरण के आदेश दिए थे। प्राधिकरण ने कहा कि भवन बिना स्वीकृत नक्शे के बने हुए है।यूनिवर्सिटी के भवन तोड़ने के मामले ने तूल पकड़ लिया। एक महीने से आरडीए की ध्वस्तीकरण कार्रवाई के आदेश का विरोध हो रहा है।
पिछले दिनों विवि प्रबंधन की ओर से मुरादाबाद मंडलायुक्त के न्यायालय में चुनौती दी। आयुक्त न्यायालय में केस की सुनवाई जारी है। तीन अगस्त को आयुक्त न्यायालय ने आरडीए के ध्वदस्तीकरण के आदेश पर रोक लगा दी। केस की सुनवाई अब आयुक्त कोर्ट में चल रही है।पिछली 3 अगस्त को जौहर यूनिवसिर्सिटी केस में कोर्ट में दो घंटे बहस हुई। बहस के बाद आयुक्त न्यायालय ने फैसले को सुरक्षित रखा।
नहीं हुई सुनवाई अब 13 अगस्त निर्धारित
सोमवार को अधिवक्ताओं के कार्य विरत रहने से केस में सुनवाई नहीं हो सकीं। आयुक्त कोर्ट में केस की अगली सुनवाई अब 13 अगस्त को निर्धारित की गई।

हालांकि इस बीच जौहर विवि की ओर से अधिवक्ता जुनैद एजाज ने बताया कि सोमवार को न्यायालय में केस के सिलसिले में आरडीए से संबंधित क्षेत्र में तब के मास्टर प्लान व जोनल डवलपमेंट प्लान का रिकार्ड मांगा गया है। इसके लिए कोर्ट में प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया गया है। दरअसल संबंधित गांव क्षेत्र में शामिल नहीं था। इस आधार पर भवनों के ध्वस्तीकरण आदेश की वैधानिकता पर सवाल उठाए।
बचाव पक्ष के अधिवक्ता का कहना है कि आयुक्त कोर्ट ने विवि के 2012 से पहले भवनों का विवरण मांगा गया।बताया कि 2009 तक विवि में 14 भवन बन चुके थे। जबकि बाकी भवन निर्माणधीन थे। इसकी जांच डीएम रामपुर के आदेश पर लोनिवि के एक्सनईएन ने की। इसकी पुष्टि हो चुकी है।
हालांकि उनका कहना है कि जिस क्षेत्र में विवि स्थित है। वह 27 सितंबर,24 को आरडीए के विकास क्षेत्र में शामिल हुआ। जबकि निर्माण से उससे पहले के है।
