सिविल लाइंस में 11 वर्ष पुराने मामले में दोषी करार
दस लाख रुपए के लिए 12 वीं के छात्र की जिम में हत्या
सबूत छिपाने के लिए मझोला में फेंका शव,शव नीले ड्रम में छिपाया
एडीजे कोर्ट-1 से दोषियों को 2.20 लाख रुपए का जुर्माना
हिन्द लाइव न्यूज,राजेश भाटिया।

मुरादाबाद। मंगलवार को एडीजे कोर्ट ने 11 साल पहले छात्र के अपहरण-हत्याकांड में महिला समेत दो लोगों को आजीवन कारावास की सजा दी। दोषियों में जिम स्वामी खुर्शीद आलम व महिला ट्रेनर शानी है। आरोपी को संदेह के आधार पर रिहा कर दिया गया।अदालत ने साक्ष्य के आधार पर दोषी ठहराया और प्रत्येक पर 1.10-1.10 लाख रुपए का जुर्माना लगाया।खास यह कि हत्यारों ने शव को नीले रंग के ड्रम में छिपाया था।
मंगलवार को मुरादाबाद में एडीजे कोर्ट-1 अनिल कुमार ने फैसला सुनाया।सिविल लाइंस क्षेत्र रामगंगा विहार निवासी बैंक कर्मी के 12 वीं कक्षा के पुत्र सौरभ सक्सेना सुबह टहलने के लिए जिम की ओर गया था। पर इसके बाद उसका पता नहीं चला। भाई गौरव सक्सेना की ओर से सिविल लाइंस में 6 फरवरी,2015 की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई।गायब छात्र सौरभ (22) का शव मझोला में मिला।पुलिस ने शव की पहचान के बाद वादी की तहरीर को हत्या में दर्ज कर जांच शुरू की।
पुलिस ने हरथला निवासी जिम स्वामी खुर्शीद आलम, रामगंगा विहार की महिला ट्रेनर शानी व जिम में कार्यरत लखनऊ निवासी सैय्यद निहाल को गिरफ्तार किया। अपहरण व हत्या का कारण दस लाख रुपए ऐंठना मकसद था। दरअसल जिम मालिक ने जिम में हुए घाटे को पूरा करने के सौरभ का अपहरण कर हत्या कर दी।
युवक की हत्या जिम में ही हुईं। घटना का सबूत छिपाने के लिए आरोपी छात्र के मोबाइल से इधर-उधर जाकर घर पर फोन करते रहें। पुलिस ने तीनों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया गया।
कोर्ट की सुनवाई एडीजे कोर्ट में हुईं। एडीजीसी राजीव कौशिक ने बताया कि छात्र के अपहरण व हत्या में 14 गवाह पेश किए। चार गवाह पक्षद्रोही हो गए।अदालत में साक्ष्य व गवाहों के आधार पर दोषी ठहराया।अदालत ने हत्या में उम्रकैद व अपहरण में दस दस साल और सबूत छिपाने में 3-3 साल की सजा और 10-10 हजार रुपए की सजा सुनाई।
