अब एक रेलखंड में चलेंगी ज्यादा ट्रेनें,सुरक्षित हुई आवाजाही
मंडल में 50 साल पुराने सिग्नलिंग सिस्टम में बदलाव
पिलखुवा से कुचेसर रोड तक आधुनिक सिग्नलिंग प्रणाली
राजेश भाटिया,हिन्द लाइव न्यूज
मुरादाबाद।
रेल मंडल में आधुनिक सिग्नालिंग प्रणाली लागू हो गई। 50 साल पुरानी प्रणाली ऑटोमैटिक ब्लॉक सिग्नलिंग में बदल गई। रेलवे ने पिलखुवा से कुचेसर रोड तक पिलखुवा-हापुड़-बाबूगढ़-कुचेसर रोड रेलखंड पर 24.73 किमी अत्याधुनिक ऑटोमैटिक ब्लॉक सिग्नलिंग प्रणाली का काम पूरा कर लिया।मंगलवार शाम से नई सिग्नलिंग प्रणाली शुरू हो गई।
सीनियर डीसीएम महेश यादव का कहना है कि नई व्यवस्था में ट्रेनों की स्थिति जानने और सिग्नलों को स्वतः नियंत्रित करने के लिए अत्याधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया गया है।अब एक सेक्शन में एक से ज्यादा ट्रेनों का संचालन अधिक सुरक्षित व व्यवस्थित ढंग से किया जा सकेगा।साथ ही ट्रेनों की गति भी बढ़ेगी। मानवीय भूल की संभावना कम होगी।

यह हुआ सुधार-
पिलखुवा-कुचेसर रोड तक ऑटोमैटिक सिग्नीलिंग (ABS)–
–मुरादाबाद-गाजियाबाद रेलमार्ग पर तीन ब्लॉक सेक्शनों में काम पूरा हो चुका है। परियोजना के तहत पिलखुवा-हापुड़, हापुड़-बाबूगढ़ व बाबूगढ़-कुचेसर रोड स्टेशन आधुनिक सिग्नलिंग हो चुके हैं। पांच मानव युक्त रेल फाटकों (LC गेट संख्या 80, 79, 76, 69 एवं 68) को नए आधुनिक सिस्टम से जोड़ा गया है।इससे ट्रेन आने पर फाटक संचालन और अधिक सुरक्षित हो सकेगा। परियोजना के चलते पुराने सिग्नलिंग प्रणाली में भी जरुरी बदलाव किए गए। कुल 14 रेलवे फाटकों पर सुरक्षा संबंधी व्यवस्थाओं को अपग्रेड किया है। इसके अलावा नए सिग्नल,ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क,डेटा लॉ्गर उपकरण लगाए गए हैं।
नई व्यवस्था के फायदे–
1-ट्रेनों की आवाजाही और अधिक सुरक्षित होगी।
2–एक ही रेलखंड पर अधिक संख्या में ट्रेनों का संचालन संभव होगा।
3-ट्रेनों के बीच सुरक्षित दूरी का बेहतर प्रबंधन होगा।
4-परिचालन में देरी कम होगी और समय पालन सुधारेगा।
भविष्य में बढ़ने वाले रेल यातायात को संभालने में सुविधा मिलेगी।
गाजियाबाद-सीतापुर मार्ग 400 रुट किमी होगा ऑटोमैटिक
यात्री सुरक्षा व हाईस्पीड ट्रेन चलाने संचालन के लिए मंडल में ऑटोमैटिक ब्लॉंक सिग्नलिंग परियोजना की शुरुआत हुई।गाज़ियाबाद-सीतापुर सिटी (वाया मुरादाबाद, बरेली व रोजा) रेलखंड पर आधुनिक सिगनलिंग (ABS) का कार्य किया गया। 400 रूट किलोमीटर (RKM) लंबे प्रोजेक्ट में मंडल में अभी तक करीब एक चौथाई काम पूरा कर कमीशनिंग (चालू) हो गया।

मंडल में 100 रुट किमी की ऑटोमैटिक सिग्नलिंग—-
डीआरएम विनीता श्रीवास्तव ने बताया कि गाजियाबाद -मुरादाबाद खंड में महरौली से कुचेसर रोड (44 RKM) और रोज़ा-सीतापुर खंड में बरतारा से महौली (60 RKM) के बीच नई सिग्न ल प्रणाली शुरू गई है।उनका कहना है कि परियोजना मुरादाबाद में सिग्नलिंग प्रणाली में आधुनिकीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।इससे यात्री सुरक्षा,बेहतर रेल सेवा मिलेगी।
मंगलवार को डीआरएम के नेतृत्व में उपमुख्य संकेत एवं दूरसंचार अभियंता (परियोजना) सुनील कुमार व स्टाफ की मदद से तीसरे सेक्शन बाबूगढ़ से कुचेसर रोड खंड को नई सिग्नल प्रणाली के रुप में बदल दिया।
अब नए लक्ष्य की चुनौती
ट्रेनों की गति बढ़ाने व यात्री सुरक्षा के लिए चल रहे आधुनिक सिग्नलिंग में नया लक्ष्य कुचेसर रोड से गढ़ मुक्तेशवर खंड होगा।इसके बाद गढ़ से गजरौला और गजरौला से मुरादाबाद सिग्नलिंग के काम की चुनौती है। अगले टारगेट की तैयारी होने लगी है।
