रजिस्ट्री कार्यालय पर चल रहा धरना,हड़ताल से रजिस्ट्रियों का काम ठप
चार दिन में करोड़ों स्टांप शुल्क राजस्व का नुकसान
धरने में जुटे वकील, दस्तावेज लेखक,स्टांप वेंडर समेत तमाम लोग
राजेश भाटिया।हिन्द लाइव न्यूज। मुरादाबाद।
मुरादाबाद में रजिस्ट्री दफ्तर में ई पंजीकरण और कार्यालय व्यवस्था निजी कंपनी को ठेके पर दिए जाने का विरोध जारी है।गुरुवार को बार एसोसिएशन और अधिवक्ता चौथे दिन भी हड़ताल पर रहे। हड़ताल के चलते रजिस्ट्री दफ्तर का काम ठप है। रजिस्ट्रियां व होने से सरकार को स्टांप शुल्क में करोड़ों रुपए के राजस्व का नुकसान हो रहा है।

सरकार के रजिस्ट्री कार्यालय में ई पंजीकरण और व्यवस्था निजी हाथों को सौंपें जाने का विरोध हो रहा है।कांठ रोड पर रजिस्ट्री दफ्तर पर पिछले चार दिनों से दि बार एसोसिएशन एंड लाइब्रेरी के आह्वान पर रजिस्ट्री कार्यालय में नई व्यवस्था के वकील धरने पर बैठे हैं। बार पदाधिकारी व वकील, दस्तावेज लेखक समेत तमाम लोग धरना देकर विरोध जता रहे हैं।गुरुवार को भी अधिवक्ता दस्तावेज लेखक, स्टांप वेंडर टाइपिस्ट आदि ने रजिस्ट्री कार्यालय पर जुटे और धरना प्रदर्शन किया।हड़ताल के कारण रजिस्ट्री से संबंधी कोई भी कार्य नहीं हो सका।
इस मौके पर बार एसोसिएशन ऑफ टैक्स एडवोकेट्स अध्यक्ष नरेश कुमार शर्मा, महासचिव नीरज भटनागर समेत अन्य लोगों का प्रतिनिधिमंडल धरना स्थल पर पहुंचा।और समर्थन पत्र बार एसोसिएशन महासचिव कपिल गुप्ता को सौंपा।और मामला न सुलझने पर प्रदर्शन में शामिल होने का आश्वासन भी दिया।

दोपहर में धरना स्थल पर एडीएम वित्त व राजस्व ममता मालवीय,सहायक महानिरीक्षक स्टांप अनिल कुमार भी रजिस्ट्री ऑफिस पहुंचे।अधिवक्ताओं ने उन्हें सीएम के नाम संबोधित ज्ञापन भी सौंपा।अधिवक्ताओं ने ई-रजिस्ट्रीकरण पर रोक व रजिस्ट्री कार्य को प्राइवेट संस्थाओं को फ्रेंचाइजी को दिए जाने का विरोध जताया और ज्ञापन सौंपा। वकीलों ने चेतावनी दी कि फैसला वापस न हुआ तो बार एसोसिएशन, कातिब व स्टांप वेंडर से जुड़े संगठनों को आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
।महासचिव ने कहा कि सरकार के द्वारा रजिस्ट्री कार्यालय में ई-पंजीकरण व्यवस्था और इसका निजीकरण एक बड़ी साजिश है।यह छोटे व्यवसाय को समाप्त करने का प्रयास है। उत्तराखंड में भी सरकार ने रजिस्ट्री कार्यालय में ई- पंजीकरण व्यवस्था लागू की थी।जनविरोध के बाद उत्तराखंड सरकार को इसे वापस लेना पड़ा | मुख्यमंत्री को ज्ञापन के जरिए मांग कि वह जल्द से जल्द ई – पंजीकरण के आदेश को वापस ले। जिससे अधिवक्ता,दस्तावेज लेखक,स्टांप वेंडर,मुंशी और रजिस्ट्री ऑफिस से जुड़े फुटकर व्यापारियों का व्यवसाय बचा रहे।
