कांग्रेस के अल्पसंख्यक मोर्चा में जिला चेयरमैन की नियुक्ति पर अंदरुनी कलह
चंद घंटे में ही चेयरमैन सूची पर लगी रोक, गहराई गुटबाजी आम कार्यकर्ता आहत
कार्यकर्ताओं के सवाल, ऐसे जीतेंगे चुनावी रण
हिन्द लाइव न्यूज,राजेश भाटिया।

मुरादाबाद।चुनाव से पहले कांग्रेस में आपसी गुटबाजी पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के लिए खतरे की घंटी है। पार्टी नेता राहुल गांधी के दिशा निर्देशन में एक ओर संगठन सृजन से लेकर पार्टी को मजबूती के लिए अथक प्रयास किए जा रहे है।वहीं दूसरी ओर पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेता आपसी मतभेदों से भी उबर नहीं पा रहे। नतीजा यह कि संगठन को मजबूत बनाने से ज्यादा उसकी छीछालेदर हो रहीं हैं।
ताजा मामला कांग्रेस में अल्पसंख्यगक विभाग के जिला चेयरमैन को लेकर है। अल्पसंख्यक विभाग के प्रदेश चेयरमैन सोहेल अख्तर अंसारी की ओर से घोषित सूची पर ही देर शाम विराम लग गया।
प्रदेश चेयरमैन ने बुधवार दोपहर मुरादाबाद,संभल,मेरठ समेत बारह जिलों में जिला चेयरमैन घोषित किए।दोपहर तक सब कुछ ठीक रहा।पर जैसे ही सूची वायरल हुई।संगठन के नेताओं ने अपने नेताओं से संपर्क कर मामले की जानकारी दी।लिहाजा देर शाम तक पार्टी नेताओं ने जारी सूची पर रोक दिया।
मुरादाबाद में तत्कालीन जिला चेयरमैन अफजाल साबरी की जगह एडवोकेट अंजार हुसैन को नया जिला चेयरमैन बनाया। कांग्रेस कमेटी अल्पसंख्यक विभाग की यूपी प्रभारी रूबी खान ने प्रदेश चेयरमैन की जारी सूची पर रोक दीं।यूपी समेत अन्य राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर पार्टी नेतृत्व गंभीर है।सांसद व नेता राहुल गांधी के निर्देशन में यूपी में संगठन सृजन के जरिए जिला व शहर अध्यक्षों में बदलाव को लेकर पहली बार जमीनी स्तर पर मंथन हुआ।
मुरादाबाद आए पार्टी के पर्यवेक्षक व छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ नेता मोहन मरकाम ने शहर-जिले में संगठन की नब्ज टटोली। कांग्रेसियों की माने तो पहली बार किसी नेता ने इतनी गहराई से संगठन की थाह ली।सात दिन रुके मोहन मरकाम शहर व जिले के दावेदारों के आवेदन व इंटरव्यू कर वापस लौट गए। इसके बाद वेस्ट यूपी के सह प्रभारी व राष्ट्रीय सचिव संजीव आर्य ने भी संगठन की समीक्षा की।सभी कार्यकर्ताओं से रुबरु हुए और संवाद किया। लेकिन इससे इतर आपसी सहमति न बनने से अल्पसंख्यक विभाग की जारी सूची पर ही विवाद हो गया। विभाग की उत्तर प्रदेश प्रभारी ने सभी नियुक्तियों पर तत्काल प्रभाव से रोक दिया।
हालांकि अल्पसंख्यक विभाग के वरिष्ठ नेता का कहना है कि जिला चेयरमैन के मनोनयन में कार्यप्रणाली को जाने अंजाने में नजर अंदाज कर दिया गया। तरीका यह कि हर संगठन में तीन नामों का प्रदेश स्तर से पैनल प्रभारी और हाईकमान को भेजा जाता। शीर्ष नेतृत्व से इसकी घोषणा की जातीं।
