मुरादाबाद परिवार न्यायालय का फैसला
फैसले में दाखिल वाद की तिथि से धनराशि देने के आदेश
पति पत्नी के बीच आपसी अनबन का मामला
हिन्द लाइव न्यूज,राजेश भाटिया।

मुरादाबाद। मुरादाबाद में परिवार न्यायालय ने एक न्यूरोसर्जन डॉक्टर को बच्चों के भरण पोषण के लिए 1.20 लाख रुपये प्रतमाह देने के आदेश दिए है।भरण-पोषण के लिए यह बड़ी राशि मानी जा रही है। न्यायालय ने दोनों बच्चों के लिए 60-60 हजार रुपये प्रतिमाह निर्धारित किए है।
मामला पति-पत्नी के बीच आपसी अनबन का है।पांच साल पहले से परिवार न्यायालय में चल रहे मामले फैसला सुनाया। पत्नी की ओर से एडवोकेट नाजिर पाशा ने पैरवी की।पति शहर के नामी न्यूरोसर्जन हैं जबकि पत्नी भी डॉक्टर हैं।
सुनवाई के दौरान अदालत के समक्ष बच्चों की शिक्षा, ट्यूशन,बस फीस, भरण-पोषण की जरुरतों, परिवार की आर्थिक स्थिति व जीवन-स्तर से जुड़े तथ्य रखे गए। सभी पहलुओं पर विचार करने के बाद परिवार न्यायालय ने आदेश दिया कि डॉक्टर को दोनों बच्चों के लिए 1.20 लाख रुपये प्रतिमाह भरण पोषण के लिए देने के आदेश दिए।अदालत ने दोनों बच्चों के लिए 60-60 हजार रुपये धनराशि निर्धारित की है।
न्यायालय ने शहर के चर्चित न्यूरोसर्जन को BNSS की धारा 144 के तहत 1 लाख 20 हजार रुपये प्रतिमाह अंतरिम मेंटेनेंस देने का आदेश दिया है। अदालत के आदेश के अनुसार यह राशि वाद दाखिल किए जाने की तिथि से देय होगी।इस हिसाब से अब तक करीब 7 लाख 20 हजार रुपये की राशि बनती है।

अदालत में दमदारी पैरवी
अधिवक्ता नाजिर पाशा व मोहम्मद इब्राहिम ने महिला डॉक्टर की ओर से अदालत में बच्चों के खर्च व अन्या परिस्थितियों को तर्क के रुप में रखा।अदालत ने तथ्यों व तर्को को सुनने के बाद अंतरिम भरण पोषण की राशि निर्धारित की।
