प्रशासन ने तैयार की बाढ़ से निपटने की योजना
मुरादाबाद जिले में 35 व बिजनौर में 32 बाढ़ चौकियां-
70 संवेदनशील स्थानों पर प्रशासन की चौबीस घंटे नजर
पीएसी फ्लड यूनिट, 100 से अधिक गोताखोर अलर्ट मोड पर’सचेत ऐप’ और राहत चौपालों से गांव-गांव जागरूकता
हिन्द लाइव न्यूज, राजेश भाटिया।

मुरादाबाद।मानसून व पहाड़ों पर बारिश के बाद मंडल के पांचों जिलों में सतर्कता बढ़ गई है।बाढ़ सुरक्षा,बचाव व जागरूकता के लिए प्रशासन अलर्ट मोड पर है। हालांकि अभी बाढ़ को लेकर कोई खतर नहीं है।
बाढ़ से निपटने के लिए मंडल में 124 बाढ़ चौकियां, 98 आश्रय स्थल सक्रिय किए गए हैं। साथ ही पीएसी की फ्लड रेस्क्यू यूनिट, अनेक प्रशिक्षित गोताखोरों व आपदा मित्रों को तैनाती की गई है। जिला प्रशासन के अनुसार मुरादाबाद, बिजनौर,रामपुर,अमरोहा व संभल में बाढ़ चौकियां बनाई गई है।
मुरादाबाद में 35 बाढ़ चौकियों और 16 चौपालों से 199 गांवों पर निगरानी की जा रही है।मुरादाबाद के जिला आपदा विशेषज्ञ प्रदीप कुमार के अनुसार जिले में रामगंगा अभी खतरे के निशान बहुतो नीचे बह रहीं हैं।यहां रनियाठेर समेत अन्य संवेदनशील स्थानों की निगरानी की जा रही है।
बिजनौर में 32 चौकियां व 35 आश्रय स्थलों से चौकसी की जा रही है। गंगा-खोह के गेज पर हर दो घंटे में अलर्ट मांगा गया।बिजनौर के जिला आपदा विशेषज्ञ प्रशांत सक्सेना ने बताया गंगा,मालन व खोह नदियों के प्रवाह की निगरानी हो रहीं हैं।सिंचाई विभाग की रिपोर्ट के अनुसार बिजनौर में 24 संवेदनशील और 5 अति संवेदनशील गांव चिन्हित हैं।
रामपुर: कोसी-रामगंगा के 12 संवेदनशील गांवों पर नजर रखी जा रही है। बाढ़ से निपटने को 30 बाढ़ चौकियों के साथ प्रशासनिक अमला अलर्ट हैं।रामपुर के जिला आपदा विशेषज्ञ दीपक पाल के अनुसार यहां अतिसंवेदनशील नहीं है पर फिर भी एहतियात के तौर पर पुख्ता प्रबंध किए गए हैं। जिले में 30 बाढ़ चौकियां सक्रिय हैं। राहत व बचाव कार्यों में तेजी है।डीएम व एडीएम खुद वहां संवेदनशील क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण कर रहे हैं।
संभल जिले के गुन्नौर क्षेत्र में गंगा के मुहाने पर 16 चौकियां, 52 गोताखोर और 100 आपदा मित्रों को मुस्तैद किया गया है।जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण कार्यालय के अनुसार गुन्नौर तहसील बाढ़ के लिहाज से सर्वाधिक संवेदनशील है। अभी गंगा का जलस्तर 178.04 मीटर दर्ज किया गया जो खतरे के 178.765 मीटर के निशान से नीचे है। वर्ष 2010 की बाढ़ के मानकों के आधार पर डूब क्षेत्र वाले 6 अतिसंवेदनशील समेत कुल 36 गांवों की सघन निगरानी की जा रही है। 16 बाढ़ चौकियां और 13 बाढ़ शेल्टर स्थापित किए गए हैं।
अमरोहा जिले में 11 बाढ़ चौकियां व 15 शेल्टर तैयार किए गए हैं। बचाव के लिए पीएसी की 15वीं बटालियन और 25 गोताखोरों तैनात किए गए हैं।अमरोहा के जिला आपदा विशेषज्ञ पवन कुमार शुक्ला ने बताया कि जिले में गंगा नदी का जलस्तर सामान्य है।धनौरा और हसनपुर तहसील में 11 बाढ़ चौकियां और 15 बाढ़ शरण स्थल सक्रिय किए गए हैं।जिले में 25 अतिसंवेदनशील गांवों में से धनौरा के 16 व हसनपुर के 7 गांव शामिल हैं। इसमें 80 संवेदनशील गांवों को चिन्हित कर निगरानी की जा रही है।
