कलेक्ट्रेट परिसर में हिन्दू कालेज के शिक्षकों ने मांगों पर जताया विरोध
हिन्द लाइव न्यूज,राजेश भाटिया।

मुरादाबाद। स्ववित्त पोषित शिक्षकों ने अपनी मांगे पूरी न होने से असंतुष्ट हैं। गुरुवार को इन शिक्षकों ने कलेक्ट्रेट परिसर में अपना विरोध जताया। प्रदर्शनकारी शिक्षकों ने कहा कि पिछले दो दशकों से दोहरी व्यवस्था का शिकार है। शिक्षकों ने जिला प्रशासन को ज्ञापन भी सौंपा।
अनुदानित महाविद्यालय में संचालित स्व वित्त पोषित पाठ्यक्रमों की दोहरी व्यवस्था से परेशान असिस्टेंट प्रोफेसर अपनी लंबित मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन शुरू किया।इसी क्रम में गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय से संबद्ध हिन्दू कालेज के स्व वित्त पोषित शिक्षकों ने शासन की कैश लेस चिकित्सा योजना का बहिष्कार कर दिया। मांगों को लेकर कालेज के शिक्षक कलेक्ट्रेट परिसर पहुंचे और विरोध प्रकट किया।कहा कि वे लोग वर्ष 2000 में शुरू की गई दोहरी व्यवस्था के शिकार हैं। यूजीसी के निर्धारित योग्यता को पूरा करने के बाद भी उन्हें सेवा सुरक्षा,सामाजिक आर्थिक सुरक्षा और वेतनमान नहीं मिल रहा। शिक्षक 45 से 60 वर्ष की आयु पार कर चुके हैं।पर वे कम मानदेय पर काम करने को मजबूर हैं।

हालांकि शिक्षकों ने साफ किया कि वे कैशलेस चिकित्सा योजना के विरोधी नहीं है पर रोजगार व सेवा सुरक्षा के बिना केवल चिकित्सा सुविधा समस्या का समाधान नहीं है।
प्रदेश के 331 महाविद्यालय में लगे हजारों शिक्षक परिवार में लाखों छात्र प्रभावित हो रहे है। उनकी मांग है कि सरकार पर भी प्रतिवर्ष 82 करोड़ के अतिरिक्त राजस्व का भार पड़ता है। यदि पुनर्गठन कर पाठ्यक्रमों को अनुदान पर लिया जाए तो विद्यार्थियों के साथ शिक्षकों का भविष्य भी सुरक्षित होगा।
ज्ञापन देने वालों में नीतू गाबा,श्वेता सिंह,नेहा कनौजिया,डॉ प्रिंस कुमार,डॉ गरिमा त्यागी,डॉ अनुपमा,रश्मि,नाजिया खान,डॉ आशा दुबे,डॉ राजीव चौहान,डॉ सोहेल मियां,ज्योति रस्तोगी आदि शामिल रहे।
