35 करोड़ मतदाताओं का पुनरीक्षण कार्य शेष
मुख्य निर्वाचन आयुक्त-‘भारत की निर्वाचन प्रणाली भरोसेमंद, कई देश कार्य प्रणाली को समझ रहे’।
टीएमयू के सभागार में बीएलओ, सुपरवाइजर से सीधे संवाद
राजेश भाटिया,हिन्द लाइव न्यूज।
मुरादाबाद।

मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने भारतीय निर्वाचन प्रणाली को भरोसेमंद बताया। कहा कि कई देशों के प्रतिनिधि मंडल निर्वाचन की कार्यप्रणाली को जानने-समझने आते है।उन्होंने जानकारी दी कि देश में 60 करोड़ मतदाताओं का विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर)का काम पूरा हो चुका है।जबकि 35 करोड़ मतदाताओं का विशेष गहन पुनरीक्षण का काम बाकी है।
गुरुवार को मुरादाबाद आए मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने जिले के बीएलओ,सुपरवाइजर व रिटर्निंग आफीसर से सीधे संवाद किया। उन्होंने मतदाता सूची, मतदान व मतगणना प्रक्रिया में त्रिस्तरीय कंकरेंट ऑडिट की विस्तार से जानकारी दीं।
तीर्थांकर महावीर विश्वविद्यालय (टीएमयू) के सभागार में जिले। के बीएलओ,सुपरवाइजर व प्रशासन व निर्वाचन अधिकारियों को मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार व यूपी के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने संबोधित किया।

मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने देश के सबसे बड़े लोकतंत्र देश भारत की विशिष्ट निर्वाचन प्रणाली की विशेषताएं बताई। हाल ही में हुए चुनावों का जिक्र करते हुए बढ़ी मतदाताओं की भागीदारी,निष्पक्ष मतदान व पारदर्शी मतगणना व एसआईआर कार्यो में उनके योगदान की प्रशंसा की।
सभागार में त्रिस्तरीय कंकरेंट आडिट प्रक्रिया के बारे में बताते हुए सीईसी ने उन देशों का भी जिक्र किया कि जहां मतदान अनिवार्य है। उनकी तुलना में भारत के विभिन्न राज्यों में लगातार बढ़े मतदान प्रतिशत को देश के लोकतंत्र की पहचान बताया। कहा कि भारतीय निर्वाचन प्रणाली की देश में विश्वसनीय है।कई देशों के प्रतिनिधिमंडल भी इस कार्य प्रणाली को समझने आते है।

बताया कि देश में 95 करोड़ वोटरों में 60 करोड़ वोटरों के एसआईआर का काम पूरा हो चुका है।अब केवल 35 करोड़ मतदाताओं का एसआईआर बाकी है। बताया कि देश के 35 बड़े लोकतांत्रिक देशों के निर्वाचन प्रबंधन संस्थानों के समूह इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट फॉर डेमोक्रेसी एंड इलेक्टोरल असिस्टेंस (इंटरनेशनल आईडीईए) की अध्यक्षता वर्तमान में भारत निर्वाचन आयोग कर रहा है। बताया कि भारतीय निर्वाचन प्रणाली की विशेषता यह कि उसकी पारदर्शिता व बहुस्तरीय निगरानी व्यवस्था है।
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर), मतदान और मतगणना के हरेक चरण में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि शामिल रहते है। जिससे पूरी प्रक्रिया निष्पक्ष,पारदर्शी व विश्वसनीय बनी रहती है।
देश में एक मतदान केंद्र पर 873 मतदाता
जानकारी दी कि देश में एक मतदान केन्द्र पर औसतन 873 मतदाता है। मतदाता सूची के पुनरीक्षण के दौरान बूथ लेवल अधिकारी घर घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन करते है।इस दौरान अनुपस्थित, स्थानांतरित,मृत व डुप्लीकेट वोटरों का परीक्षण करते हैं।
इसके आधार पर ही तैयार ड्राफ्ट मतदाता सूची के प्रकाशन से पहले मतदान केन्द्र पर राजनैतिक दलों के बीएलए के साथ बैठक कर उसका सत्यापन कराया जाता है।यह पूरी प्रक्रिया कंकरेंट आडिट कहलाती है। इससे मतदाता सूची बनाने की प्रक्रिया पूरी तरह से पारदर्शी बन जाती है।

एसआईआर में बीएलओ की प्रशंसा
कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने कहा कि यह पहली बार कि जब निर्वाचन आयोग के शीर्ष नेतृत्व का बूथ लेवल अधिकारी के साथ सीधा संवाद हुआ। उन्होंने एसआईआर अभियान में बीएलओ व सुपरवाइजर्स की मेहनत को भी सराहा। इस प्रक्रिया में बीएलओ के घर घर जाने, मैपिंग व डेटा संग्रह के काम को निर्धारित समय में मतदाताओं की सुनवाई भी हुई।
कार्यक्रम के दौरान पर कमिश्नर आंजनेय कुमार सिंह, डीआईजी मुनिराज,डीएम डॉ राजेन्द्र पैंसिया,एसएसपी सतपाल अंतिल, नगर आयुक्त दिव्यांशु पटेल, एडीएम प्रशासन-उप जिला निर्वाचन अधिकारी संगीता गौतम समेत तमाम अधिकारी रहे।
