दोषी ठहराए गए तीनों ममेरे-फुफेरे भाई
कारोबारी से चार लाख रुपए मंगा लिए और फिर रुपए छीन कर हत्या कर दी
एडीजे-प्रथम कोर्ट ने प्रत्येक दोषी पर 1.20 लाख रुपए का जुर्माना लगाया
पाकबड़ा में 4 जून,2021 की घटना, गुमशुदगी में दर्ज हुआ दर्ज मुकदमा
हिन्द लाइव न्यूज, राजेश भाटिया।

मुरादाबाद। पांच साल पूर्व पाकबड़ा के बहुचर्चित कुलदीप गुप्ता अपहरण व हत्याकांड में तीन दोषियों को सश्रम कारावास की सजा मिली है। दोषी करार तीनों सगे ममेरे फुफेरे भाई है। गुरुवार को एडीजे-1 अनिल कुमार की कोर्ट ने प्रत्येक दोषी पर 1.20 लाख रुपए का पर जुर्माना भी लगाया है।
मुरादाबाद में सनसनीखेज घटना 2021 की है। दिल्ली रोड पर मिलन विहार निवासी कारोबारी कुलदीप गुप्ता की पाकबड़ा में आटो पार्ट्स की दुकान है।बड़े भाई संजीव गुप्ता ने गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। बताया कि उसका भाई कुलदीप 4 जून 2021 से लापता हैं। घटना वाले दिन ही कुलदीप ने अपनी पत्नी को फोन करके अपने पुुराने कर्मचारी मुस्तफा को 4 लाख रुपये देने के लिए कहा था। उसके कहे अनुसार मृतक की पत्नी ने मुस्तफा को रुपये दे दिए थे।
इस दौरान कुलदीप अपने मित्र नन्दू उर्फ नन्दकिशोर के साथ अस्पताल चला गया। जहां पहले से ही नंदकिशोर ने कुलदीप की हत्या की योजना बनाई थी। तीनों कुलदीप को एंबुलेंस में बैठा बिजनौर के गंगाधरपुर गांव ले गए थे। हत्या के बाद उनकी लाश को सड़क किनारे फेंक दिया था।7 जून को आरोपी पुलिस की गिरफ्त में आ गए थे। जिनमें नन्दू उर्फ नन्द किशोर के रिश्ते के भाई कर्मवीर और रनवीर ने भी हत्या में शामिल रहे।
उनके पास से लोहे की रॉड व साढ़े तीन लाख रुपये बरामद हुए थे। बाद में तीसरे आरोपी रनवीर ने अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया था।रिमांड के दौरान उसके पास से 50 हजार रुपये और मृतक का सोने का लॉकेट बरामद हुआ था।पुलिस ने नंद किशोर उर्फ नन्दू निवासी लाइनपार मझोला,कर्मवीर उर्फ भोलू और रनवीर उर्फ नन्हें निवासी काजीपुरा, सिविल लाइंस को पकड़ा गया। पुलिस ने नंद किशोर से फिरौती की रकम में तीन लाख रुपए बरामद किए। व बाकी आरोपियों से 50-50 हजार रुपए बरामद हुए। आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया गया।
वादी के अधिवक्ता पूर्व डीजीसी विजय गुप्ता ने बताया कि मामले में आरोपियों से फिरौती की रकम की बरामदगी व अन्य सामान बरामदगी समेत अन्य तर्क प्रस्तुत किए गए।
केस की सुनवाई एडीजे-1 कोर्ट अनिल कुमार की अदालत में हुईं।एडीजीसी राजीव कौशिक ने बताया कि कुलदीप अपहरण व हत्याकांड में वादी समेत दस लोगों ने गवाहियां दीं। अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद दोषी करार दिया। अपहरण व हत्या में नंद किशोर,कर्मवीर और रनवीर को उम्रकैद की सजा सुनाई है।
दोषियों पर 3.60 लाख रुपए जुर्माना —
प्रत्येक दोषी पर एक लाख 20 हजार रुपए का जुर्माना लगाया है। अर्थदंड जमा न करने पर दोषियों को एक एक साल का अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी। अदालत ने अर्थदंड में 75 प्रतिशत धनराशि मृतक की पत्नी को देने के आदेश दिए।
