तीन वर्षों की फीस संरचना की तुलनात्मक रिपोर्ट
कक्षा एक से आठ तक NCERT की पुस्तकें का प्रयोग
मनमानी पर स्कूलों पर शिकंजा
हिन्द लाइव न्यूज, राजेश भाटिया।

मुरादाबाद।
जिला प्रशासन विद्यालयों पर अभिभावकों को खरीदारी के लिए बाध्य करने पर शिकंजा कसेगा। मुरादाबाद के डीएम डॉ राजेन्द्र पैंसिया ने स्कूलों द्वारा अभिभावकों पर पुस्तकें व ड्रेस खरीदने के लिए दबाव बनाने पर विद्यालयों पर कार्रवाई की चेतावनी दी है। इसके साथ ही डमी एडमिशन और मनमाने शुल्क पर भी सख्ती बरती गई है।
सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में डीएम की अध्यक्षता में शिक्षा विभाग के संग बैठक आयोजित की गई। जिला स्तर पर गठित शुल्क नियामक समिति के सदस्यों के साथ बैठक में विद्यालयों पर कार्रवाई की चेतावनी दी। निजी विद्यालयों में शुल्क व्यवस्था,डमी एडमिशन,पाठ्य पुस्तकों,ड्रेस व विद्यालयों के निरीक्षण से संबंधित विभिन्न बिंदुओं पर विस्तार से समीक्षा भी की गई।
डीआईओएस रितु तोमर ने जानकारी दी कि कुछ विद्यालयों में डमी एडमिशन को लेकर शिकायतें मिल रही है।इसे लेकर डीएम ने कड़ी नाराजगी जताई।उन्होंने स्कूलों का अचानक निरीक्षण कर डमी एडमिशन का सत्यापन करने के आदेश दिए। साथ ही शिकायत सही मिलने पर कार्रवाई के भी निर्देश दिए।
विद्यालयों के निरीक्षण के लिए 70 अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई थी। इसमें अब तक बीस अफसरों की रिपोर्ट न मिलने पर डीएम नाराज हुए और कठोर कार्रवाई की चेतावनी दी।मांगी रिपोर्ट में स्कूल की व्यवस्थाओं के साथ अभिभावकों का भी फीडबैक जुटाने को कहा गया।
तीन वर्षों के फीस स्ट्रक्चर की होगी तुलना—
डीएम ने निरीक्षण में स्कूलों के तीन वर्षों के शुल्क स्ट्रक्चर में किए बदलावों का भी ब्योरा मांगा है।कहा कि फीस संरचना की तुलनात्मक रिपोर्ट तैयार की जाएं।
NCERT की पुस्तकों को पर स्पष्ट निर्देश-–
डीएम ने कक्षा 1 से 8 तक विषयों में NCERT की पुस्तकों का प्रयोग करने को कहा।कहा कि जिन विषयों के लिए NCERT की पुस्तकें नहीं है। उन ही विषयों में निर्धारित मानकों व नियमानुसार रेफरेंस बुक लगाई जाएं।नियमों के विपरीत अन्य पुस्तकें थोपने पर संबंधित विद्यालय के खिलाफ कार्रवाई होगी।
