सोमवार को आयुक्त न्यायालय में दोनों ओर से दो घंटे चली बहस
मंडलीय अधिवक्ता (राजस्व) ने रखा पक्ष,बचाव पक्ष ने रखीं दलीलें
हिन्द लाइव न्यूज। राजेश भाटिया।

मुरादाबाद। रामपुर में जौहर यूनिवर्सिटी के भवनों को तोड़ने के मामले में फिलहाल रोक बरकरार है। सोमवार को आयुक्त न्यायालय में भवनों को ध्वस्तीेकरण पर जोरदार बहस हुई। दो घंटे चली बहस में अभियोजन व बचाव पक्ष ने अपनी अपनी दलीलें रखीं। न्यायालय ने सुनवाई के बाद फैसला सुरक्षित रखा।केस में अगली सुनवाई 10 अगस्त को होगी।
रामपुर विकास प्राधिकरण ने मोहम्मलद अली जौहर यूनिवर्सिटी में भवनों को अवैध करार देते हुए 40 में से 38 भवनों का तोड़ने के आदेश दिए। इसे लेकर सियासी माहौल गरमा गया।
इस ध्वस्तीकरण की कार्यवाही का सपा ने जमकर विरोध जताया।विधायकों का दल व सांसद प्रतिनिधिमंडल के अलावा विवि के बाहर समर्थक आंदोलनकारियों ने धरना देने लगे। इस बीच कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय व अन्य कांग्रेसियों ने भी डेरा डाल दिया। पर उसी दिन मंडलायुक्त न्यायालय ने मामले में सुनवाई कर प्राधिकरण की कार्यवाही पर रोक लगा दी।
केस की सुनवाई सोमवार को हुई।आयुक्त न्यायालय में मंडलीय अधिवक्ता राजस्व दिनेश कुमार चौहान ने सरकारी पक्ष रखा। बताया कि न्यायालय में आज दोनों ओर से बहस हुई।इस पर अभी फैसला सुरक्षित रखा गया है।
जबकि जौहर यूनिवर्सिटी व ट्रस्ट की ओर से अधिवक्ता जुनैद एजाज ने बताया कि न्यायालय में उन्होंने दलील दी। बताया कि सींगनखेड़ा का एरिया रामपुर विकास प्राधिकरण में 27 सितंबर,24 को आया। तब आरडीए के प्रावधान व नियम बने होंगे।
इसी के साथ ही मास्टर प्लान व जोनल प्लान भी बनाया गया होगा। पर इस आदेश में न मास्टर प्लान है और न जोनल प्लान। उन्होंने कहा कि आरडीए की कारण बताओ की कार्यवाही भी प्री मैच्योर है। केस में अब मामले की अगली सुनवाई 10 अगस्तर को होगी।
