23,743 प्रशासनिक विभागों द्वारा 1,95,751 मामले निपटे
जिला जज सैयद माऊज बिन आसिम ने किया शुभारंभ
हिन्द लाइव न्यूज,राजेश भाटिया।

मुरादाबाद। शनिवार को साल की तीसरी राष्ट्रीय लोक अदालत में दो लाख 33 हजार 695 लंबित मामले निपटे। इनमें अदालतों में 23,743 प्रशासनिक विभागों द्वारा 1,95,751 व बैंक और बीएसएनएल के 966 मामलों आपसी सुलह से निस्तारण किया गया। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण व उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण,लखनऊ के निर्देशपर वर्ष की तीसरी राष्ट्रीय लोक अदालत आयोजित की गई। लोक अदालत का शुभारम्भ जिला जज सै0 माऊज बिन आसिम ने माँ सरस्वती प्रतिमा पर माल्यार्पण व दीप प्रज्वलित कर किया।
इस मौके पर जिला जज ने कहा कि लोक अदालत न्याय को आमजन तक सुलभ व सरल रूप में पहुंचाने का सशक्त माध्यम है। इस अदालत में आपसी सुलह एवं समझौते के आधार पर मामलों का निस्तारण किया जाता है। इससे वादकारियों का समय व धन की बचत होती है।

विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव तपस्या त्रिपाठी ने बताया कि आज आयोजित लोक अदालत में विभिन्न प्रकृति के 21,975 शमन योग्य वादों का निपटारा हुआ।आरोपितों पर 8,03,820 रुपये अर्थदण्ड लगाया गया। वैवाहिक व भरणपोषण के 95 केस आपसी सुलह समझौते के आधार पर निपटे। उत्तराधिकार के दो मामलों का निपटारा कर 12,82,899 रुपये के उत्तराधिकार प्रमाण-पत्र जारी हुए।
इसी क्रम में मोटर वाहन दुर्घटना प्रतिकर के 143 मामलों को निस्तारित कर स्वजनों को 13,05,64,400 रुपये की प्रतिकर राशि प्रदान करने के आदेश दिए।जबकि विभिन्न बैंकों के ऋण संबंधी 966 मामलों को निस्ताीरित कर 13,38,11,892 रुपये की धनराशि की वसूली या समझौता कराया। इसके अलावा लेबर एक्ट,एमवी एक्ट समेत लघु प्रकृति के मामलों को भी आपसी सुलह से निस्ताारित कराया गया।
इस दौरान प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय सुनित चन्द्रा, पीठासीन अधिकारी एमएसीटी संजय कुमार, पीठासीन अधिकारी लारा जैगमउद्दीन, लोक अदालत के नोडल अधिकारी घनेंद्र कमार, सीजेएम श्वेता चौधरी के अलावा दि बार एसोसियेशन अध्यक्ष आनन्द मोहन गुप्ता व महासचिव कपिल गुप्ता,जिला बार अध्यक्ष अनिल पाल सिंह व सचिव गोपाल कृष्ण,जूनियर बार अध्यक्ष प्रमोद प्रत्येकी व सचिव राज कुमार समेत तमाम न्यायिक व बैंक अधिकारी आदि रहे।
इस दौरान जिला जेल में निरुद्ध बंदियों द्वारा तैयार हस्तशिल्प वस्तुओं की प्रदर्शनी एवं बिक्री भी लगाई गई। एक जनपद एक उत्पाद व एक जनपद एक पकवान के तहत प्रदर्शनी लगाकर उत्पाद व व्यंजनों का भी प्रचार प्रसार किया गया।
