सेना में लेफ्टिनेंट की नियुक्ति पाने वाले अपने क्षेत्र में पहले
उत्तर प्रदेश का बढ़ा गौरव,मेडिकल में लेफ्टिनेंट करेंगे देश की सेवा
पुणे से कमीशनिंग के बाद गुवाहाटी में बेस हास्पिटल में तैनाती
सफलता की कहानी:: Success Story
हिन्द लाइव न्यूज में विशेष
मुरादाबाद। राजेश भाटिया

सच्ची लगन हो और मन में कुछ पाने का जज्बा तो सपने परवान चढ़ते है। सीतापुर के नौजवान ने अभय सिंह ने यह कर दिखाया। सेना में एमबीबीएस की पढ़ाई कर लेफ्टिनेंट बनकर न केवल परिवार बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश का नाम रोशन किया है। खेती-बाड़ी के मूल व्यवसाय से जुड़े परिवार के होनहार ने पढ़ाई के दौरान डाक्टर बनने का जो सपना देखा। यह सपना अब पूरा हो गया।

2021 में नीट का इम्तिहान पास किया तो परिवार के देखे सपने साकार होने की उम्मीद लग गई। पुणे में साढ़े चार साल की एमबीबीएस की कठिन ट्रेनिंग के बाद आर्म्ड फोर्सेज मेडिकल कालेज- AFMC में सफलता पाई। 10 जुलाई को सशस्त्र बल की चिकित्सा सेवा में कमीशन मिलने के बाद राष्ट्र की सेवा के लिए गुहावटी बेस हास्पिटल में तैनाती मिली है। पुणे में पिता सुशील सिंह व मां गुड़िया सिंह ने बेटे के कंधे पर बैज लगाएं तो आंखों में खुशी के आंसू आ गए।अभय अगले दिन ही नई तैनाती के लिए गुहावटी के लिए रवाना हो गया।
सीतापुर से पुणे, अब गुहावटी का सफर:

सीतापुर जिले की तहसील मिश्रिख के पोस्ट समसापुर के गांव ककरघटा के रहने वाले सुशील सिंह अपने पिता रामप्रकाश सिंह व मां जयश्री के साथ रहते है। परिवार में पत्नी के अलावा दो बेटियां व बेटा अभय है।पूरा परिवार की आजीविका मूलत: खेती-बाड़ी पर निर्भर थीं।पिता के संग मेहनत कर सुशील सिंह ने पिछले दिनों मुरादाबाद में रेलवे कैंटीन की जिम्मेदारी संभाली।पर कोरोना काल के दौरान रेस्टोरेंट की आमदनी घटी तो परिवार एक बार फिर आर्थिक संकट से घिर गया।
मुश्किलों में पिता ने नहीं हारी हिम्मत,आगे बढ़े
अब सुशील सिंह की बड़ी बेटी आकांक्षा सिंह लखनऊ में पोस्ट मास्टर के पद पर है। सबसे छोटी बेटी अनुष्का ने बीएससी फाइनल के बाद सीडीएस की तैयारी कर रही है।

पिता सुशील सिंह बताते है कि बेटे अभय सिंह ने लखनऊ पब्लिक स्कूल में पढ़ाई के दौरान डॉक्टर बनने का सपना देखा। स्कूल से 12 वीं की पढ़ाई के दौरान नीट एक्जाम क्वाँलीफाई कर लिया। पुणे में (AFMC) सशस्त्र बल चिकित्सक महाविद्यालय में साढ़े चार साल की एमबीबीएस की ट्रेनिंग के बाद 10 जुलाई को पुणे में 60 वें बैच के पासिंग आउट परेड में सभी कैडेटों को कमीशन प्रदान किया।

पुणे में कमीशनिंग के दौरान सीतापुर का पूरा परिवार बेहद भावुक रहा। मां पिता ने बेटे अभय के कंधे पर बैज लगाया तो आंखें भर आई। 12 जुलाई को सेना में लेफ्टिनेंट बने अभय सिंह की तैनाती गुहावटी बेस हॉस्पिटल में हुई। एक साल की इंटर्नशिप के बाद देश की सेवा करेंगे।
