युवक ने स्टेशन पर रौब झाड़ा मुआयना किया, आदर-सत्कार कराया, वीआईपी रूम में नाश्ता किया। लिंक एक्सप्रेस में सेकंड एसी से रवाना, बाद में एक अधिकारी को सीधे सस्पेंड की धमकी से खुली फर्जीवाड़े की पोल। नजीबाबाद में पूछताछ में अफसर नहीं आईडी दिखा पाया,जीआरपी ने गिरफ़तार किया सीआईटी ने आईडी पूछी तो नकली निकला,पुलिस ने किया गिरफ्तार।
राजेश भाटिया, हिन्द लाइव न्यूज,मुरादाबाद। रेल प्रशासन ने जिस विजिलेंस अफसर की घंटों की आवभगत की आखिरकार वह फर्जी निकला। मुरादाबाद स्टेशन पर नकली विजिलेंस अफसर की पहचान जावेद अली के रूप में हुई। नजीबाबाद में रेल प्रशासन की सूचना पर जीआरपी ने गिरफ्तार कर लिया।
रेलवे स्टेशन पर बोर्ड में विजिलेंस अफसर की एक मौजूदगी से समूचा प्रशासन घंटों हलकान रहा।अफसर के मुरादाबाद में स्टेशन पहुंचने से चेकिंग, स्टेशन अधिकारियों के हाथ पैर फूल गए।अफसर ने भी अपने रुतबे का रौब दिखाया ।स्टेशन चेकिंग टीम, स्टाफ जांचा। कैश को भी चेक किया।
खामी पर कार्रवाई की धमकीं दे दीं। जिम्मेदारों ने भी अहमियत दी। वीआईपी रूम में प्रोटोकॉल के साथ नाश्ता कराया।अफसर ने नजीबाबाद जाने की इच्छा जताई। तो लिंक एक्सप्रेस के सेकंड एसी कोच में बैठाकर रवाना किया। हालांकि बाद में सीआईटी भावेश शर्मा को संदेह हुआ तो सूचना मंडल अधिकारियों को दी गई। रेलवे ने नजीबाबाद में उसका आईडी कार्ड देखना चाहा तो वह सकपका गया। फर्जी मानते हुए नजीबाबाद के सीआईटी ने उसे जीआरपी के हवाले कर दिया गया।
शुक्रवार को मुरादाबाद में जावेद अली नाम के व्यक्ति ने खुद को रेलवे बोर्ड में विजिलेंस अफसर बताकर चार घंटों तक प्रशासन को छकाए रखा।स्टेशन के अधिकारी भी उसके आदेश का हाथ बांधे पालन करते रहे।अफसर ने स्टेशन, प्लेटफार्म का मुआयना किया।शातिर जावेद अली को बोर्ड अफसर मानते हुए स्टेशन पर स्टाफ, चेकिंग स्टाफ समेत अन्य कर्मी भी उसका आदेश मानते हुए आगे पीछे दौड़ते रहे। फर्जी ने भी कमी नहीं छोड़ी।वीआईपी रूम में बैठकर नाश्ता किया।अफसर ने नजीबाबाद में मुआयना करने को कहा तो आनन फानन में देहरादून जाने वाली लिंक एक्सप्रेस में सेकंड एसी कोच में बर्थ दी। अफसर भी ठाठबांट से नजीबाबाद रवाना हो गए।
इस बीच सुबह अन्य अफसरों को सारा वाकया बताया गया। तो मामले की जानकारी रेल अफसरों को मिली तो पूछताछ शुरु हुई।अफसर ने ही पूछताछ कर रहे एक जिम्मेदार को ही सीधे बोर्ड के शीर्ष अधिकारी के नाम का हवाला देते हुए सस्पेंड कराने की धमकी दी। इसी पर शक हुआ।नजीबाबाद में इस अफसर से आईडी मांगी तो वह सकपका गया। बाद में स्टेशन अधिकारियों ने उसे जीआरपी के हवाले कर किया।जीआरपी ने पूछताछ के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया।
विजिलेंस का अफसर का बताने का मामला सामने आया है।पड़ताल के बाद नजीबाबाद में उसे पकड़कर जीआरपी को सौंप दिया गया।
महेश यादव
सीनियर डीसीएम मुरादाबाद
