राजेश भाटिया,हिंद लाइव न्यूज मुरादाबाद।
रामगंगा नदी की मुख्य धारा को कथित रूप से बदले जाने का विरोध होने लगा है।सोमवार को गांवों से बड़ी संख्या में लोग जिला कलेक्ट्रेट पहुंचे और प्रदर्शन किया।ग्रामीणों ने प्रशासन को ज्ञापन भी सौंपा।
सोमवार को जिला मुख्यालय पर एसीएम माधव उपाध्याय को ग्रामीणों ने ज्ञापन सौंपा।मांग की कि नदी को उसके प्राकृतिक प्रवाह के अनुसार बहने दिया जाए तथा उसकी धारा को कृत्रिम रूप से बदलने का प्रयास न हो।
ग्रामीणों के अनुसार नदी की मुख्यधारा वर्षों से गांव रुस्तमपुर बढ़मार,नजरपुर, लोदीपुर बासू, वीरपुर बरियार होते हुए कोसी नदी में मिलती रही है। फसली अभिलेखों में भी रामगंगा नदी का प्राकृतिक बहाव इसी दिशा में दर्ज है।आरोप है कि कुछ लोग रुस्तमपुर बढ़मार क्षेत्र से सिकंदरपुर पट्टी की ओर नदी की मुख्य धारा को मोड़ने का प्रयासों में हैं। ग्रामीणों का तर्क है कि इससे व्यापक क्षेत्र में धारा प्रभावित कर सकतीं हैं।
ग्रामीणों ने मांग की कि यदि नदी की धारा को बलपूर्वक बदला गया तो पूरे क्षेत्र में करीब 50 गांव इससे प्रभावित होंगे और इसका प्रतिकूल असर पड़ेगा। किसानों की फसलें, पशुधन, जन-धन को भारी नुकसान होने की आशंका है।बाढ़ व कटान जैसी समस्याएं भी उत्पन्न हो जाएगी।
ज्ञापन देने वालों में अशोक सिंह,अफसरी,महेश, राजेंद्र सिंह,शमीम अहमद,हर ज्ञान सिंह,मो. उबेद,शिव नारायण सिंह,रईस अहमद, दिलावर सिंह,सुरेंद्र सिंह, ताहिर हुसैन आदि रहे।
